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Showing posts from April, 2020

नैरेटिव कैसे सैट किया जाता है

नैरेटिव कैसे सैट किया जाता है *********************** मेरे एक करीबी रिश्तेदार हैं , जो की कांग्रेस में एक बहुत बड़े मंत्री पद पर हैं. बड़े मतलब बहुत ही बड़े , उनकी पहुँच सीधे कांग्रेस के टॉप तीन नेताओ तक हैं। एक बार बातचीत मेंउन्होंने बताया की कैसे बीजेपी ये नैरेटिव सैट करने में अप्रतयश्चित रूप से सफल रही की मनमोहन सिंह जी एक कठपुतली प्रधानमंत्री हैं। चूँकि वो मनमोहन सिंह जी को शुरू से और राहुल और सोनिया को तो छोड़िये , वो राजीव गांधी तक को बचपन से देखतें आएं हैं और उनके स्वभाव और ककिरदार से भली भाँती परिचित हैं। उन्होंने बताया की मनमोहन सिंह जी जैसे व्यक्तित्व को किसी भी तरीके और किसी भी प्रभाव से निर्देशित करना लगभग असंभव हैं। कांग्रेस तो छोड़िये , पूरे देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक कोई ऐसा अर्थशाष्त्री नहीं है जो उनकी किसी भी योजना या आर्थिक नीतियों को चैलेन्ज कर सके। ये सही है की 90 के दशक के बाद से पूरी दुनिया अमेरिकी पूंजीवादी मॉडल पर चली है और मनमोहन सिंह भी इसके अपवाद नहीं है। और इन्ही नीतियों को भारत में भी लागू करने के बावजूद उन्होंने पूंजीपतियों और जनता के बीच ए...

हंगरी में क्या हुआ है यह बता रहे है .

कुछ दिनों पहले हमारे देश में भी ट्विटर पर एक मुहिम शुरू हुई थी कि कोरोना संकट के कारण मोदी जी को कम से कम 10 साल के लिए प्रधानमंत्री बना दिया जाए। .......... हंगरी में क्या हुआ है यह बता रहे है . 'हंगरी का कोरोना संकट - और सबक' --------------------------------------------- हंगरी में कोरोना संकट के समय वहां की सरकार के मुखिया विक्टर ओरबान ने आपातकाल लागू करवा दिया है। विक्टर ओरबान अकेला और पहला ऐसा राजनीतिज्ञ है जिसने इस महामारी का फायदा अपनी सत्ता के लिए उठा लिया है। हंगरी का संकट क्या है इसपर थोड़ी देर में आतें है , लेकिन पहले कुछ बेसिक बातें याद कर लेते है। कुछेक अपवादों को छोड़ दिया जाए तो दुनिया का हर राजनीतिज्ञ देश में आपदा आने की स्तिथि में सबसे पहले ये सोचता है की उससे कैसे फायदा उठाया जाए। फिलहाल भारत में कोरोना के बहाने लाखो करोड़ के घोटाले अंजाम दिए जा रहें हैं , धन्ना सेठ शेयर बाजार को कैसे लूटा जाए ये सोच रहें हैं , तो दूसरी तरफ तेल की कीमतें धड़ाम होने की स्तिथि में भी तेल कंपनियों ने लूट मचा रखी है. आप मुसलमान सब्ज़ी वालो को प्रताड़ित कर रहे हो , और उधर स...

RBIने जिन लोगो औऱ कंपनी का 68,607 करोड़ रुपये का लोन राइट आफ किया है

आरबीआई ने जिन लोगो औऱ कंपनी का 68,607 करोड़ रुपये का लोन राइट आफ किया है उनमें टॉप 5 की डीटेल्स को जरा गौर से देखिए .... 1.मेहुल चोकसी गीतांजलि रत्न लिमिटेड,जो कि 5,492 करोड़ रुपये के साथ सूची में सबसे ऊपर है 2.REI एग्रो लिमिटेड का 4,314 करोड़ रु। 3. जतिन मेहता के 4,000 करोड़ रु 4. रोटोमैक ग्लोबल प्रा। 2850 करोड़ रु 5. रामदेव / बालकृष्ण के 2,212 करोड़ रु ... इन सबका एक एक करके विश्लेषण करू उससे पहले समझ ले लोन को राइट आफ करना और वेव ऑफ करना दोनो अलग चीजे है बैंक लोन राइट आफ तब करता है जब उसे रिकवरी के सारे रास्ते बंद होते दिखते है इसलिए अपनी बेलेन्स शीट को क्लीन रखने के लिए वो एनपीए वाले सारे लोन को बेलेंस शीट में लिखना बंद कर देता है और उस लोन को पाने की सारी उम्मीद छोड़ देता है लेकिन औपचारिकता के लिए रिकवरी की आस नही छोड़ता है और अपनी रिकॉर्ड बुक में रखता है वेव आफ़ का मतलब लोन माफी होती है जिसमे बैंक कोई रिकवरी की नही करता है और सारे रिकॉर्ड अपने बेलेंस शीट औऱ अकॉउंट बुक्स से मिटा देता है किसानों की लोन माफी उसका सबसे बड़ा उदाहरण है अब आते है विश्लेषण पर लिस्ट में जीसने टॉप ...

लॉक टाउन डाउन के साइड इफेक्ट

लॉक डाउन जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा , हमें कुछ असुविधाजनक फैसले लेने होंगे । एक सीमा के बाद लॉक डाउन बढ़ाने का अर्थ होगा - गरीबी ,बेरोजगारी और भूख से मौत । हमें फैसला करना होगा कि लोगों को बीमारी से मरने दिया जाए या भूख से। जब जान बचाने के संसाधन कम होंगे और बीमार ज्यादा तब किसकी जान बचाई जाए और किसे मरने दिया जाए ? पिछले दिनों एक देश ने 60 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों को वेंटिलेटर देने से मना कर दिया ताकि जवान लोगों को बचाया जा सके । यह एक फैसला है ! एक फैसला जिसमें हम स्वीकार करते हैं कि एक व्यक्ति की जान दूसरे व्यक्ति से अधिक कीमती है ! इस फैसले का आधार यहां उम्र है । पर किसी और देश ,समाज या काल में यह आधार जाति , धर्म , लिंग , नस्ल , शैक्षणिक योग्यता , आर्थिक स्थिति या समाज के लिए उपयोगिता कुछ भी हो सकता है ! यदि हमें यह फैसला करना हो तो हम अपने डॉक्टरों को इनमें से किसे आधार बनाने को कहें । इस प्रश्न का उत्तर चिकित्सा विज्ञान की किताबों में नहीं है । यह एक दार्शनिक प्रश्न है ! डॉक्टर समाज से पूछेंगे कि आप बताइए कि हम किसकी जान बचाएं और किसे मरने दें । दर्शनशास्त्र में इसे 'ट...

"चोर चोर होता है , अतिथि अतिथि।

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"चोर चोर होता है , अतिथि अतिथि। सार्स-सीओवी 2 विषाणु को आप चोर और अतिथि के बीच में समझिए।" अंकलजी को समझाया जाता है। "कोई विषाणु चोर और अतिथि दोनों के गुण कैसे रख सकता है ? थोड़ा समझाकर बताओ।" वे पूछते हैं। "विषाणु क्या है ? क्या यह जीवित है ?" "सुना यही है कि यह न जीवित है और न मृत ? इस समझ में भी दुविधा रहा करती है। कोई जीवित और मृत दोनों न हो ,ऐसा कैसे हो सकता है ?" "जीवन की परिभाषा वहाँ से शुरू होती है , जहाँ रसायन-विज्ञान की सरहद समाप्त होती है और जीव-विज्ञान की शुरू। रासायनिक अणु जीवन की परिभाषा से पहले पड़ जाते हैं , कोशिका से पूर्व। कोशिका जीवन की सबसे छोटी इकाई कही जाती है। यानी जो-कुछ भी कोशिका से कम या छोटा है , वह जीवन की परिभाषा से छोटा है। जो जीवन की परिभाषा से छोटा है , वह रसायन हो सकता है अथवा रसायन और कोशिका के बीच में। बस विषाणु यहीं स्थित है : रसायन-शास्त्र और जीव-विज्ञान की देहरी पर। वह रसायन की परिभाषा से आगे तो बढ़ आया है ,किन्तु जीवन की इकाई 'कोशिका' तक नहीं पहुँच सका। सो वह सजीव-निर्जीव-सीमा पर स्थित है।...

फेक न्यूज़ को पहचानिए

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कोरोनाकाल में फ़ेक समाचारों को पहचानिए : 1) समाचार का स्रोत देखिए। बताने वाला कौन है, उसकी विषय-योग्यता क्या है। प्रस्तोता और विषय की जाँच से यह पहचान शुरू होती है। 2 ) ख़बरों के केवल शीर्षकों पर न जाइए। अनेक बार लोग ख़बर को चटपटा बनाने के लिए ऊटपटांग हेडलाइन गढ़ रहे हैं। 3 ) आॅफ़िशियल सह-स्रोत भी पढ़ें। एक जानकारी अनेक स्रोतों से होने पर स्पष्टतर होती है और सच-झूठ खुल जाता है। 4 ) कहीं ख़बर मज़ाक या व्यंग्य तो नहीं। अनेक बार हास-परिहास में भी बातें कह दी जा रही हैं। 5 ) आपके पूर्वाग्रह , आपके पूर्वविश्वास आपकी राय तय कर सकते हैं। आपकी राजनीतिक विचारधारा , आपकी सामाजिक स्थिति और आपके परिवार का प्रभाव भी आपपर पड़ता है। 6) विशेषज्ञों से प्रश्न भी करिए। विश्वसनीय स्रोतों से अापको सवाल करने चाहिए। 7) कुछ भी शेयर करने से पहले जानिए कि आप पैंडेमिक ही नहीं, इन्फोडेमिक से भी जूझ रहे हैं। जिम्मेदार नागरिक का कर्त्तव्य निभाइए । फ़ेक समाचार तीन प्रकार के हो सकते हैं : 1) पूर्णतः फ़ेक समाचार , जो एकदम कोरोनावायरस-अनजान लोगों को ठगने और गुमराह करने के लिए बनाये जाते हैं। इनके शिकार अवैज्ञा...

BCG का टिका

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"यह बचाएगा कोविड-19 से भारत को ... और दुनिया को भी ! यह !" मदन भाई अपनी टीशर्ट का आधा बाज़ू ऊपर मोड़ते हुए उल्लास-भरे स्वर में कहते हैं। उनकी उँगली का इशारा बायीं भुजा की सतह पर बने उस निशान की ओर है , जिसे संसार बीसीजी के नाम से जानता है। "बैसिलस कैलमेट गीरैन। आपको इससे इतनी उम्मीद क्यों हैं ?" मैं उनके समाचारीय सुख को टटोलता हूँ। "अख़बारों में , टीवी-चैनलों में हर जगह छाया हुआ है यह बीसीजी का टीका। जहाँ इसे जनता लगवाती रही है , वहाँ कोविड-मामले भी कम हैं और मृत्यु-दर भी। तुम्हें नहीं लगता ? कुछ दम तो है इसमें !" "अभी कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी पुख़्ता तौर पर। किन्तु चलिए इसी बात पर बीसीजी की कहानी कही-सुनी जाए। सुनेंगे आप ?" मदन भाई की उत्साही भौहें खिंच जाती हैं। "निन्यानवे साल पुराना टीका है बीसीजी। यानी बैसिलस कैलमेट गीरैन। इस टीके में एक ख़ास माइकोबैक्टीरियम बोविस नाम का जीवाणु है , जिसे क्षीण यानी एटेनुएट किया गया है। यह जीवाणु गायों में टीबी-रोग पैदा करता है।" "गायों में टीबी करता है ! पर यह जीवाणु टीबी से हमें कैसे बचाता है ...

Yeh vidhi ka vidhan hai.

ऐसा है, कि क्या सही है और क्या गलत, अब इसका टेम नहीं रहा। अब वो ज़माना है कि जिसको जो मिलेगा, वो उसे नोच खाएगा। ये संस्कृति बन चुकी है और हम सब इसके शिकार होंगे। पुलिस तो सत्ता की गुलाम होती है। सीबीआई भी। और ईडी भी। तभी मैं शुरू से कह रहा हूँ कि देश में जो नज़ीर बन रही है, वो खतरनाक है। आज जो सत्ता में हैं, कल नहीं होंगे। तब वे लोग उन पे भूखे भेड़ियों की तरह टूट पड़ेंगे, जो आज पनाह मांग रहे हैं। ये तो सीढ़ी पे सीढ़ी है। इस देश में राजनीतिक मिलाप बचा ही कहाँ है! अब सिर्फ कटुता है। सत्ता और विपक्ष अब एक देश की दो टहनियां नहीं, दो अलग-अलग तलवारें हैं। सो मुम्बई में अर्नब गोस्वामी प्रकरण से जो चिंगारी निकल रही है, वो तो अभी ट्रेलर है। किससे पंगा लिया गया? सीधे उद्धव ठाकरे से। वो ठाकरे परिवार, जो मुम्बई पर राज करता आया है। उद्धव के राज में वही होगा, जो शेर चाहेगा। कौन रोक लेगा? सोनिया गांधी तो बहाना है। अर्नब ने मुम्बई में कहा कि उन पे हमला हुआ, किया गया। ये सीधे-सीधे किसको चैलेंज था? उद्धव ठाकरे को जो जानते हैं, उनको पता है कि अपने पिता बाल ठाकरे की तरह वो बोलते कम हैं, करते ज्यादा हैं। इधर...

LIVE Coronavirus Updates: MP में 2000 से ज्यादा मामलों की पुष्टि, इंदौर में सामने आए 1200 से ज्यादा केस

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मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस ( COVID-19) के 2,096 मामलों की पुष्टि हो गई है। इनमें से 1,207 मामले केवल इंदौर में सामने आए हैं। जिले में अब तक 60 लोगों की मौत हो गई है। राज्य में अब तक कुल सामने आए मामलों में से 210 लोग ठीक हो गए हैं और 99 लोगों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) से 872 लोगों की मौत हो गई है। देश में अब तक 27,892 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से 6185 लोग ठीक हो गए हैं। 20,835 लोगों का इलाज चल रहा है। HighLights भारत में कोरोना वायरस (COVID-19) से 872 लोगों की मौतभारत में कोरोना वायरस (COVID-19) के 27,892 मामले सामने आए6185 लोग ठीक हुए, 20,835 लोगों का इलाज जारी 27 April 2020 01:28 PM #WATCH Centre,state govts&doctors have done good work to fight COVID19. Now,when we look at US&Europe,we know we have progressed. In coming days,there is a huge possibility of India emerging as a model country if we continue to take concrete steps to fight COVID19: AR Chowdhurypic.twitter.com/2TwvpVa4hg...

वैज्ञानिकों ने बताया कोरोना वायरस के चपेट में आने वाले लोगों की ये दो चीजें सबसे पहले होती हैं प्रभावित

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नई दिल्ली।  कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कहर मचा रखा है। अब तक लगभग दो लाख लोगों की इस वायरस के संक्रमण से मौत हो चुकी है। दुनियाभर की रिसर्च लैब इस वायरस का टीका और दवा खोजने में लगी हुई हैं मगर अभी तक किसी को कामयाबी नहीं मिल पाई है। अमेरिका समेत दुनियाभर के तमाम देश जल्द से जल्द इस वायरस का इलाज खोजने में अपनी टीम को लगाए हुए हैं। वैज्ञानिक दिनरात कोरोना वायरस से बचाव के लिए टीके की खोज में रिसर्च कर रहे हैं। कभी किसी तरह से इलाज करने की बात कही जा रही है तो कभी किसी तरह से मगर किस चीज से इस वायरस का पूरी तरह से खात्मा हो पाएगा ये अभी तक किसी देश के वैज्ञानिक नहीं कह पाए हैं। अब देखना ये है कि वैज्ञानिक इस वायरस की काट के लिए टीका कब तक खोज लेते हैं। खैर इस बीच वैज्ञानिकों की एक टीम ने ये पहचान करने में जरूरी कामयाबी हासिल कर ली है कि वायरस किस तरह से नाक के रास्ते हमारे शरीर के भीतरी अंगों में प्रवेश करता है और नुकसान पहुंचाना शुरू करता है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने इसका पता लगा लिया है। वैज्ञानिकों को नाक में उन दो खास प्रकार की कोशिकाओं (सेल्...

26 April 2020 Highlight

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किशनगंज, जेएनएन। पहले वॉट्सएप (WhatsApp) ग्रुप बना जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक (MLA) को उसमें जोड़ा, फिर अभद्र व चरित्रहनन करने वाले ऑडियो व टेक्‍स्‍ट मैसेज भेज कर परेशान करने लगे। हत्‍या की धमकी (Threat to Kill) भी दी गई। परेशान विधायक ने इसकी शिकायत पुलिस से की। अब पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मैसेज भेज कर दी गालियां, हत्‍या की भी दी धमकी घटना किशनगंज (Kishanganj) के कोचाधमन (Kochadhaman) के जेडीयू विधायक मुजाहिद आलम (Mujahid Aam) से जुड़ा है। दो घंटे के अंदर वॉट्सएप ग्रुप में ढाई सौ से अधिक मैसेज भेजकर उनसे गाली-गलौज की गई एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसे लेकर विधायक के सहायक इंतसार आलम की शिकायत पर किशनगंज टाउन थाना (Kishanganj Town Police Station) में एफआइआर (FIR) दर्ज कर पुलिस (Police) मामले की जांच में जुट गई है। घटना की एफआइआर दर्ज, जांच में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष श्याम किशोर यादव ने बताया कि शनिवार को एफअइआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। संबंधित वॉट्सएप ग्रुप में पोस्‍ट किए गए मैसेज की प्रतिलिपि भी मिली है। संबंधित मोाब...