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नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को शाम चार बजे संवाददाता सम्मेलन करेंगी। इस दौरान वह 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज से जुड़ी जानकारी साझा करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि कोरोना संकट के इस समय में देश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए सरकार वर्ष 2020 में 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज दे रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से अगले कुछ दिनों तक पैकेज से जुड़ी विस्तृत जानकारी देंगी।

इसी संदर्भ में वित्त मंत्रालय ने बुधवार को सुबह ट्वीट कर जानकारी दी है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम चार बजे नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगी।


प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा था, ''कोरोना संकट का सामना करते हुए नए संकल्प के साथ मैं आज एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा कर रहा हूं। ये आर्थिक पैकेज आत्मनिर्भर भारत अभियान की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा। हाल में सरकार ने कोरोना संकट से जुड़ी जो आर्थिक घोषणाएं की थी, जो रिजर्व बैंक के फैसले थे और आज जिस आर्थिक पैकेज का एलान हो रहा है, उसे जोड़ दें तो ये करीब 20 लाख करोड़ रुपये का है। ये पैकेज भारत की जीडीपी का करीब-करीब 10 प्रतिशत है।''

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि यह राहत पैकेज देश के किसानों, श्रमिकों, ईमानदारी से टैक्स भरने वाले मध्यम वर्ग और उद्योगों के लिए है।

इससे पहले मार्च में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1.70 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की थी।
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि को दो हफ्ते के लिए और आगे बढ़ सकती है। मिली जानकारी के मुताबिक सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक में प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है।
सूबे की सरकार में अधिकतर मंत्रियों ने लॉकडाउन को आगे बढ़ाने का समर्थन किया है। साथ ही प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों पर भी जोर देने को कहा है।
इस बैठक में सीएम योगी ने मंत्रियों से कहा है कि करीना महामारी से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे है और आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा सरकार आर्थिक गतिविधियों पर भी फोकस कर रही है ताकि प्रदेश का प्रत्येक गांव और जिला आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सके।
आपको बता दें कि सीएम योगी के साथ मंत्रियों की बैठक डेढ़ घंटे से ज्यादा तक चली है। मंत्रियों ने बैठक में लॉकडाउन की समय सीमा को आगे बढ़ाने के साथ साथ आर्थिक गतिविधियों को ज्यादा से ज्यादा अनुमति देने की मांग की है।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे है। प्रदेश में अबतक 3664 मामले सामने आए है। जबकि 1873 मरीज ठीक हो चुके है। 82 लोगों ने अबतक जान गंवाई।

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस कुल संक्रमितों की संख्या 7 हजार 600 से ज्यादा हो गई है। इनमें से 2512 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं।  वहीं इस जानलेवा वायरस के चलते 86 लोगों की जान चली गई है। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में कोरोना वायरस की डॉबलिंग रेट यानी की दोहरीकरण दर अब बढ़कर 11 दिन गई है।

The doubling rate in Delhi is 11 days now. The doubling rate had once reached 3 or 4 days. If the doubling rate reaches 18, 20 or 25, then we will be more comfortable: Delhi Health Minister Satyendar Jain. #COVID19 https://t.co/cDiQr7AvwQ
— ANI (@ANI) May 12, 2020

वहीं दिल्ली में वर्तमान कोरोना स्थिति के बारे में बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि राज्य में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 7639 हो गई है। इसमें कल(सोमवार) के 406 केस शामिल हैं। कल 383 लोग ठीक हो चुके हैं और कल 13 मौतें हुई हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 2512 लोग ठीक हो चुके हैं और अब तक कोरोना से 86 लोग की मौत हो चुकी है।
इस दौरान सत्येंद्र जैन ने आगे बताया कि दिल्ली में कोरोना का डबलिंग रेट अब 11 दिन है। दोहरीकरण दर एक बार तीन या चार दिन तक पहुंच गई थी। यदि दोहरीकरण दर 18, 20 या 25 तक पहुंचती है, तो हमारे लिए अधिक सुविधाजनक होंगे।
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बता दें कि इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली में ही नहीं बल्कि पूरे देश में, संसार में केस लगातार बढ़ रहे हैं। ये समझना होगा कि कोरोना जो वायरस है वो कोई दो या तीन महीने का नहीं है ये काफी समय तक दुनिया में रहने वाला है। इसी के साथ हमें कोरोना के साथ रहने के तौर-तरीके सीखने होंगे।
देश भरा में 70 हजार के पार संक्रमित
देश में कोरोनावायरस संक्रमितों के मामले बढ़कर 70,756 हो गया है। इनमें से 46,008 अब भी एक्टिव है इनका अभी अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बीते 24 घंटे में 3604 नए मामले सामने आए हैं और 87 लोगों की मौत हो गई है। वहीं वायरस की चपेट में आने से पुरे देश में 2293 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि 22,455 लोग ठीक हो चुके है। ये आंकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किया है। बता दें कि कोरोनावायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक कर दिया गया है।


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नई दिल्ली : देश के अलग अलग राज्यों से प्रवासी मजदूरों अपने गृह राज्य के लिए निकल रहे है। इनके लिए रेलवे प्रशासन श्रमिक ट्रेन चला रही है। आज रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि देश भर में अबतक 542 श्रमिक ट्रेन चलाई गयी है।
रेल मंत्री ने ट्वीट कर कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से कामगारों को उनके घर पहुंचाने के लिये रेलवे द्वारा अभी तक 542 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई गयी हैं, जो कोरोना से बचाव की सभी सावधानियां बरतते हुए कामगारों को उनके गंतव्य तक पहुंचा रही हैं।
सभी राज्य सरकारों से मेरा आग्रह है कि प्रवासी कामगारों को उनके शहर पहुंचाने के लिये जल्द से जल्द श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिये स्वीकृति दें, ताकि वह अपने घर पहुंच कर अपने परिजनों से मिल सके।
रेलवे की क्षमता प्रतिदिन 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की है, जिसके द्वारा कोरोना के चलते अपने घरों से दूर रह रहे कामगारों को आसानी से उनके घर पहुंचाया जा सकता है, और इसके लिये रेलवे सहर्ष तैयार भी हैं।
पीयूष गोयल ने कहा कि मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद देता हूँ कि उन्होंने 53 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की स्वीकृति दी है। इससे कोरोना के चलते अपने परिवार से दूर रह रहे हमारे कामगार बंधु अपने परिजनों के पास पहुंच पायेंगे।

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नई दिल्ली: तबियत बिगड़ने के बाद दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अब अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। उनकी मेडिकल जांच करने के बाद अस्पताल के डॉक्टर ने उन्हें मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे अस्पताल से छुट्टी दे दी। 87 वर्षीय मनमोहन सिंह अपने घर के लिए रवाना हो गए है। बता दें कि 10 मई की रात को नई दवा के कारण रिएक्शन और बुखार होने के बाद सिंह को एम्स में भर्ती कराया गया था।

Former Prime Minister Dr Manmohan Singh has been discharged from AIIMS, Delhi on medical advice: AIIMS official pic.twitter.com/hcJSbGDVrT
— ANI (@ANI) May 12, 2020

मालूम हो कि मनमोहन सिंह को एम्स के कार्डियो-थोरैसिक (हृदय और सीने से संबंधित) यूनिट सघन चिकित्सा कक्षा कक्ष (आईसीयू) में चिकित्सकों की निगरानी में रखा गया था। जिसके बाद उन्हें एम्स के ‘कार्डियो-न्यूरो टावर’ के प्राइवेट वार्ड में भेजा गया।
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इससे पहले एम्स सूत्रों ने बताया था कि एक नई दवा लेने के बाद रिएक्शन (फैब्राइल रिएक्शन) होने के कारण उन्हें भर्ती कराया गया था ताकि वह चिकित्सकों की निगरानी में रह सकें और उनकी जांच हो सके। उनका बुखार भी कंट्रोल में है। ऐहतियात के तौर पर डॉ सिंह का कोरोना वायरस टेस्‍ट भी कराया गया था। उसकी रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है।
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि उनकी सेहत सोमवार को बेहतर हुई और दिन के समय में उन्हें बुखार नहीं आया।


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नई दिल्ली: कोरोनावायरस का कहर देश में लगातार बढ़ते जा रह है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अब तक कोरोना के मामले बढ़कर कर 70,756 हो गया है. इनमें से 46,008 अब भी एक्टिव है. अब तक वायरस की चपेट में आने से 2293 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि 22,455 लोग ठीक हो चुके है. देश भर में तेजी से फैलते कोरोना के सबसे ज्यादा मामला महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु और राजस्थान में देखने मिल रहा है. जानें कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में संक्रमितों का आंकड़ा कितने पर पहुंच गया है.

पिछले 24 घंटों में #COVID19 से मरने वालों का आंकड़ा 87 हो गया है और कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 2,293 है। https://t.co/G55q4EHJvs
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2020

महाराष्ट्र
कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है. राज्य स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यहां अब तक संक्रमितों की संख्या कुल 23,401 हो गई है. बीते 24 घंटे में 1230 नए पॉजिटिव मामले सामने आए. इसके साथ ही राज्य में अब तक 868 मरीजों की मौत हो चुकी है. हालांकि 4786 मरीज ठीक हो चुके है.
गुजरात
गुजरात स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 8541 हो गई है. इसमें से 2780 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 513 लोगों की अब तक मौत हुई है.
दिल्ली
दिल्ली सरकार के मुताबिक, दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस के कुल 7233 मामले हैं. इसमें से 2129 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 73 लोगों की अब तक मौत हुई है.
मध्य प्रदेश
राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में अब कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 3785 है. इसमें से 1747 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 221 लोगों की अब तक मौत हुई है.
राजस्थान
राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राजस्थान में 47 नए कोरोना केस सामने आए हैं और 2 की मौत हुई है।अब राज्य में पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 4,035 हो गई है.
तमिलनाडु
तमिलनाडु स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, राज्य में कुल मामलों की संख्या 8002 हो गई है. इसमें से 2051 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 53 लोगों की अब तक मौत हुई है.
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उत्तर प्रदेश
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में कुल मामलों की संख्या 3573 हो गई है.  इसमें से 1758 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 80 लोगों की अब तक मौत हुई है.
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 2018 हो गई है. इसमें से 975 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं. राज्य में कोरोना से मरने वालों की संख्या 45 है.
तेलंगाना
तेलंगाना सरकार द्वारा जारी किए गए आंकोड़ो के मुताबिक, राज्य में अब तक 1275 पोस्टिव केस हो चुके है. 800 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 30 लोगों की अब तक मौत हुई है.
केरल
केरल सरकार के मुताबिक, राज्य में कुल मामले 519 हो गए हैं. राज्य में अब तक कुल 489 मरीज ठीक हो चुके हैं. वहीं केरल में चार लोगों की मौत हो हुई है.
बिहार
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में कुल मामलों की संख्या 747 हो गई है.  इसमें से 377  लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 6 लोगों की अब तक मौत हुई है.
पंजाब
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में कुल मामलों की संख्या 1877 हो गई है.  इसमें से 168 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 31 लोगों की अब तक मौत हुई है.
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हरियाणा
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में कुल मामलों की संख्या 730 हो गई है.  इसमें से 337 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 11 लोगों की अब तक मौत हुई है.
जम्मू कश्मीर
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में कुल मामलों की संख्या 879 हो गई है.  इसमें से 427 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 10 लोगों की अब तक मौत हुई है.


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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन को लेकर क्या कदम उठाए जाएं इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से सुझाव मांगे है। लोग यह सुझाव बुधवार शाम 5 बजे तक दे सकते है। लोग फ़ोन कॉल, ईमेल और whatsapp के जरिये सरकार को अपना सुझाव भेज सकते है। इस बात की जानकारी खुद सीएम केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दी है।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार को लॉकडाउन को लेकर अगर कोई सुझाव देना चाहता है तो वह फोन नंबर 1031 पर अपना सुझाव रिकॉर्ड करके भेज सकता है, इसके बाद WhatsApp नंबर 8800007722 पर भी सुझाव भेजे जा सकते हैं और अगर कोई मेल के जरिए अपना सुझाव देना चाहता है तो वहdelhicm.suggestions@gmail.com पर अपना सुझाव भेज सकता है।
सीएम केजरीवाल ने कहा कि मैं अपने दिल्ली के लोगों से अपने सुझाव पूछना चाहता हूं कि 17 मई के बाद क्या दिल्ली में लॉकडाउन में ढील देनी चाहिए? कितनी ढील देनी चाहिए? इसके लिए वे अपना सुझाव सरकार को दें। ये कोई वोटिंग प्रक्रिया नही है। सिर्फ और सिर्फ सुझाव है जो सरकार आप से मांग रही है।
आपको बता दें कि इसके पहले देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार के राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की थी। बैठक में पीएम मोदी ने राज्यों के सीएम से सुझाव मांगे थे कि वे अपने राज्य में किस तरह का लॉकडाउन चाहते, किन किन चीजों में छूट चाहते है।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, दिल्ली में अब तक कोरोना वायरस के कुल 7233 मामले हैं। इसमें से 2129 लोग ठीक/ डिस्चार्ज हो चुके हैं, 73 लोगों की अब तक मौत हुई है।

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जयपुर: कोरोनावायरस का प्रकोप राजस्थान में भी देखा जा रहा है. यहां पर संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ौतरी दर्ज की जा रही है. राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में मंगलवार दोपहर 2 बजे तक कोरोना वायरस के 68 नए मामले सामने आए. इनमें से अकेले उदयपुर के 32 मामले शामिल है जबकि जयपुर से 22 मामला सामने आया है. इसके साथ ही पुरे राज्य में कोरोना से संक्रमितों की संख्या 4056 पर पहुंच गई है. इनमें से 115 की मौत हो चुकी है और 2378 लोग ठीक हो चुके है और इनमें से 2111 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चूका है.

#UPDATE 21 fresh cases of #COVID19 have been reported in Rajasthan today till 2 pm taking the total number of positive cases to 4056. Active cases stand at 1563 with deaths at 115: Rajasthan Health Department https://t.co/Uvv44m9yZB pic.twitter.com/AJIazD5sPl
— ANI (@ANI) May 12, 2020

राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राज्य में आज कोविड 19 के 68 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और कोविड से 2 मौतें हुईं है. इनमें से उदयपुर का 32, जयपुर का 22, अजमेर का एक, चित्तौरगढ़ का एक, चूरू का एक, हनुमानगढ़ का एक, झुंझुनू का दो, कोटा का 5, पाली का एक और सीकर का दो मामला शामिल है. जिसके चले राज्य में अब कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 4056 है, जबकि 1563 मामले सक्रीय है. वहीं अब तक कुल 115 लोगों की मौतें हुई हैं.
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देश भरा में 70 हजार के पार संक्रमित
गौरतलब है कि देश में कोरोनावायरस संक्रमितों के मामले बढ़कर 70,756 हो गया है. इनमें से 46,008 अब भी एक्टिव है इनका अभी अस्पतालों में इलाज चल रहा है. बीते 24 घंटे में 3604 नए मामले सामने आए हैं और 87 लोगों की मौत हो गई है. वहीं वायरस की चपेट में आने से पुरे देश में 2293 मरीजों की मौत हो चुकी है जबकि 22,455 लोग ठीक हो चुके है. ये आंकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किया है. बता दें कि कोरोनावायरस के बढ़ते मामले को देखते हुए लॉकडाउन को 17 मई तक कर दिया गया है.


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लखनऊ: कोरोना वायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को वापस प्रदेश लाने का काम उत्तर प्रदेश की योगी सरकार कर रही है। राज्य के गृह मंत्रालय के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की ओर किए गए शनिवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी गई कि अलग-अलग राज्यों से 2 लाख 81 हजार से ज्यादा श्रमिक वापस उत्तर प्रदेश लौट आए है। साथ ही कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बाहर से आ रहे श्रमिक को सुरक्षित घर पहुंचने का निर्देश दिया है।

आज 12 ट्रेनें आ चुकी हैं, 190 ट्रेनों की अनुमति हम दे चुके हैं जो अगले 2 से 3 दिन में आएंगी, इनमें लगभग 2 लाख 24 हजार श्रमिक आ सकेंगे :उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी https://t.co/RU3MxhAmJI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2020

अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि आज तक 233 ट्रेनों में 2 लाख 81 हजार 400 से अधिक श्रमिक प्रदेश लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज 12 ट्रेनें आ चुकी हैं, 190 ट्रेनों की अनुमति हम दे चुके हैं जो अगले 2 से 3 दिन में आएंगी, इनमें लगभग 2 लाख 24 हजार श्रमिक उत्तर प्रदेश आ सकेंगे।
उन्होंने बताया कि मनरेगा में लगभग 23 लाख 86 हजार श्रमिक काम कर रहे हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर 50 लाख करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 2016 से ग्राम रोजगार सेवकों के लंबित भुगतान की कार्रवाई आज सुनिश्चित की है, 225.39 करोड़ रुपए की धनराशि बैंक के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी है।
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यूपी के गृह मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर श्रमिक जो बाहर से आ रहा है, उसका पूरा सम्मान करें, कोई भी पैदल न चले, अगर कोई पैदल चल रहा है तो संबंधित जिला प्रसाशन उनकी व्यवस्था समुचित रूप से करते हुए सुरक्षित घर पहुंचाए।
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, प्रदेश में अब कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 1774 है, कुल 1759 लोग ठीक हो चुके हैं।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रमुख सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कल पूल टेस्टिंग के लिए 289 पूल लगाए गए जिसमें से 32 पूल पॉजिटिव पाए गए है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में लोगों द्वारा बड़ी संख्या में आरोग्य सेतु ऐप का लगातार उपयोग किया जा रहा है, लखनऊ मुख्यालय से अब तक 2722 लोगों को कॉल किए गए हैं, जिनको एलर्ट जनरेट हुए हैं। इनमें से 10 लोग पॉजिटिव मिले हैं।


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नयी दिल्ली : देश मे कोरोना संकट और लॉक डाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एक बार फिर कुछ समय में देश की जनता को संबोधित करेंगे। पीएम मोदी का यह संबोधन आज रात 8 बजे होगा।
आपको बता दें कि सोमवार को पीएम मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ लॉकडाउन और कोरोना संकट पर चर्चा की थी। इस बैठक में कई राज्यों के प्रमुखों ने लॉकडाउन बढ़ाने पर जोर दिया था।
आज पीएम अपने संबोधन में लॉकडाउन के चौथे चरण का एलान कर सकते है। इसके अलावा पीएम सोशल डिस्टनचिंग का पालन करने पर जोर दे सकते है।
सूत्रों से खबर है कि पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से आज लॉकडाउन के चौथे चरण का ऐलान किया जा सकता है। इस चरण लोगों में ज्यादा छूट जाएगी।साथ ही पीएम मोदी, देश के सामने सिलसिलेवार लॉकडाउन एग्जिट प्लान का ऐलान कर सकते हैं। इसके अलावा लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाने की अपील भी की जाएगी। क्योंकि पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में दो गज की दूरी बनाए रखने पर जोर दिया था।


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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर देशवाशियों को लॉक डाउन और कोरोना संकट को लेकर संबोधित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकास की और बढ़ रहा है। कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया है। कल से वित्त मंत्री इस बारे में विस्तार बताएंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि देश मे लॉक डाउन का चौथा चरण होगा। जो काफी अलग होगा। उन्होंने साफ कर दिया है लॉक डाउन 4 पूरी तरह से नए नियम वाला होगा। पीएम ने बताया कि इससे जुड़ी जानकारी 18 मई से पहले जारी कर दिया जाएगा।
पीएम मोदी के भाषण की प्रमुख बातें
-अब सुधारों को और गति देना है.
-ये आर्थिक पैकेज मजदूर, लॉ, लैंड, लिक्विडिटी, मध्यमवर्ग का पैकेज है।
-आर्थिक पैकेज से आत्मनिर्भर भारत को बल मिलेगा।
-देश मे डिमांड बढ़ाने के लिए हमारे सप्लाई चैन को बढ़ाना है।
-आत्मनिर्भता के पांच स्तंभ, इकॉनमी, डेमोग्राफिक,बुनियादी ढांचा स्तंभ, डिमांड, जनसंख्या हमारी ताकत है।
– मैंने कच्छ भूकंप का मलबा देखा था, उन हालात को हमने बदलते देखा।
– हमे बचना भी है और आगे बढ़ना है।
-दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ दे सकता
-सुखी समृद्धि विश्व की संभावना हमसे। हमारे काम का प्रभाव विश्व कल्याण पर।
-हमने आपदा को अवसर में बदला।
-भारत मे हर रोज 2 लाख PPE किट बन रहे है। कोरोना से पहले एक भी नही बनता था।
-राष्ट्र बहुत अहम मोड़ पर खड़ा है।
-आत्मनिर्भर भारत का ही रास्ता है। इसके मायने बदल गए है।
-21वीं शताब्दी भारत का होना चाहिए।
-हमारा संकल्प इस संकट से विराट है।
-थकना हारना टूटना मंजूर नही है। हमे अपना संकल्प और मजबूत करना होगा।
-एक वायरस ने तहस नहस करके रख दिया, दुनिया इस समय लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हुई है।
-कोरोना संक्रमण से दुनिया को मुकाबला करते हुए चार महीने से ज्यादा का वक़्त बीत चुका है। दुनिया भर में 42 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित है। भारत मे भी कई लोगों ने जान गंवाई है।

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर देशवाशियों को लॉक डाउन और कोरोना संकट को लेकर संबोधित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकास की और बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश मे लॉक डाउन का चौथा चरण होगा। जो काफी अलग होगा। उन्होंने साफ कर दिया है लॉक डाउन 4 पूरी तरह से नए नियम वाला होगा। पीएम ने बताया कि इससे जुड़ी जानकारी 18 मई से पहले जारी कर दिया जाएगा।
विशेष पैकेज की घोषण
कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया है। कल से वित्त मंत्री इस बारे में विस्तार बताएंगी।
लोकल प्रोडक्ट का गर्व से प्रचार करें और उसे ही खरीदे उन्होंने कहा कि अब सुधारों को और गति देना है. ये आर्थिक पैकेज मजदूर, लॉ, लैंड, लिक्विडिटी, मध्यमवर्ग का पैकेज है। आर्थिक पैकेज से आत्मनिर्भर भारत को बल मिलेगा।
देश मे डिमांड बढ़ाने के लिए हमारे सप्लाई चैन को बढ़ाना है।
आत्मनिर्भता के पांच स्तंभ, इकॉनमी, डेमोग्राफिक,बुनियादी ढांचा स्तंभ, डिमांड, जनसंख्या हमारी ताकत है।
दुनिया को भारत पर भरोसा
दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ दे सकता। सुखी समृद्धि विश्व की संभावना हमसे। हमारे काम का प्रभाव विश्व कल्याण पर। हमने आपदा को अवसर में बदला। भारत मे हर रोज 2 लाख PPE किट बन रहे है। कोरोना से पहले एक भी नही बनता था। राष्ट्र बहुत अहम मोड़ पर खड़ा है। आत्मनिर्भर भारत का ही रास्ता है। इसके मायने बदल गए है। 21वीं शताब्दी भारत का होना चाहिए।
हमारा संकल्प इस संकट से विराट है। थकना हारना टूटना मंजूर नही है। हमे अपना संकल्प और मजबूत करना होगा। एक वायरस ने तहस नहस करके रख दिया, दुनिया इस समय लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हुई है। कोरोना संक्रमण से दुनिया को मुकाबला करते हुए चार महीने से ज्यादा का वक़्त बीत चुका है। दुनिया भर में 42 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित है। भारत मे भी कई लोगों ने जान गंवाई है।

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नई दिल्ली: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कथित ‘इस्लामोफोबिया’ को भारत को बदनाम करने का प्रयास करार देते हुए मंगलवार को कहा कि देश में अल्पसंख्यक फल-फूल रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में अल्पसंख्यक वर्ग के लोग सम्मान के सशक्तीकरण में बराबर के भागीदार हैं।
नकवी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में हो रहे समावेशी विकास को ‘मोदी फोबिया क्लब’ हजम नहीं कर पा रहा है और इसलिए वह असहिष्णुता, सांप्रदायिकता और अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव के आरोपों के जरिए दुष्प्रचार में लगा है। नकवी ने ‘इस्लामोफोबिया-बोगस बैशिंग ब्रिगेड की बोगी’ शीर्षक से लिखे एक ब्लॉग में यह टिप्पणी की है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिंदुस्तान, ‘समावेशी समृद्धि एवं सर्वस्पर्शी सशक्तिकरण’ की राष्ट्रनीति और शक्तिशाली, आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्धि से भरपूर भारत, सफलता की सीढियां चढ़ रहा है। ऐसे में हर भारतवासी उनके नेतृत्व में किये गये अद्भुत निर्णय क्षमता और फैसलों पर गर्व और गरिमा का एहसास कर रहा है।
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अपने ब्लॉग में नकवी ने कहा कि जहां एक तरफ हर भारतवासी गौरवांवित है, वहीं देश की इस शानदार उपलब्धियों के सफल से बौखलाया-बदहवास पेशेवर मोदी फोबिया क्लब ने इस्लामोफोबिया कार्ड के जरिये झूठ फैलाना शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इसी हिंदुस्तानी संस्कार, संस्कृति और संकल्प का परिणाम है कि आजादी के बाद जहां पाकिस्तान ने इस्लामी राष्ट्र का रास्ता चुना, वहीं भारत के लोगों ने पंथनिरपेक्ष जनतांत्रिक राष्ट्र का मार्ग चुना। बंटवारे के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यक 24 प्रतिशत से ज्यादा थे, लेकिन आज 2 प्रतिशत के इर्द गिर्द बचे हैं। वहीं बंटवारे के बाद हिंदुस्तान में अल्पसंख्यक कुल जनसंख्या का 9 प्रतिशत थे वह बढ़कर 22 प्रतिशत से भी अधिक हो गए हैं। सभी नागरिकों के साथ अल्पसंख्यक भी बराबर की हिस्सेदारी-भागीदारी के साथ फल फूल रहे हैं। उस देश और उसके नेतृत्व के खिलाफ दुष्प्रचार, अज्ञानता और मानसिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा से ज्यादा कुछ नहीं है।
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उन्होंने कहा कि अफसोस है कि कुछ लोगों की छद्म सेक्युलर सियासी सनक ने देश की पंथ निर्पेक्षता को मुस्लिम या अल्पसंख्यकों का पेटेंट पोलिटिकल प्रोडक्ट बना कर भारत के समावेशी संस्कार का बड़ा नुकसान करने की कोशिश, और साथ ही भारतीय मुसलमानों को प्रगति की धारा से दूर करने का समझा-बूझा पाप भी किया है।
पिछले 5 साल में अल्पसंख्यक लोगों को फायदे को गिनाते हुए नकवी ने कहा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार ने 2 करोड़ गरीबों को घर दिया तो, उसमे 31 प्रतिशत अल्पसंख्यक विशेषकर मुस्लिम समुदाय है। देश के 6 लाख गांवों में बड़ी संख्या में गांवों में बिजली पहुंचाई गई तो 39 प्रतिशत से ज्यादा अल्पसंख्यक बाहुल्य गांव अंधेरे में जिंदगी बिता रहे थे, उनके घरों में उजाला हुआ। 22 करोड़ किसानों को किसान सम्मान निधि के तहत लाभ दिया, तो उसमे भी 33 प्रतिशत से ज्यादा अल्पसंख्यक समुदाय है।


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गांधीनगर : गुजरात सरकार में मंत्री भूपेंद्र सिंह चूडसामा का चुनाव गुजरात हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कदाचार और हेरफेर पर अदालत ने उनके चुनाव को खारिज करने का फैसला सुनाया है।
आपको जानकारी के लिए बता दें कि भूपेंद्र सिंह गुजरात सरकार में शिक्षा, कानून एवं न्याय, विधायिका और संसदीय मामलों आदि विभागों के प्रभारी हैं।
चुनाव के समय उनके ऊपर कांग्रेस नेता ने हेरफेर का आरोप लगाते हुए उनके निर्वाचन को अदालत में चुनौती दी थी। यह चुनौती कांग्रेस पार्टी की और से उम्मीदवार अश्विन राठौड़ ने दी थी। ज्ञात हो साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र 327 वोटों से जीते थे।
चुनाव याचिका में राठौड़ ने आरोप लगाया था कि चूडसामा ने ‘‘ चुनाव की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में, विशेष रूप से वोटों की गिनती के समय भ्रष्ट आचरण अपनाया और नियमों का उल्लंघन किया।’’

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक बार फिर देशवाशियों को लॉक डाउन और कोरोना संकट को लेकर संबोधित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत विकास की और बढ़ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि देश मे लॉक डाउन का चौथा चरण होगा। जो काफी अलग होगा। उन्होंने साफ कर दिया है लॉक डाउन 4 पूरी तरह से नए नियम वाला होगा। पीएम ने बताया कि इससे जुड़ी जानकारी 18 मई से पहले जारी कर दिया जाएगा।
विशेष पैकेज की घोषण
कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया है। कल से वित्त मंत्री इस बारे में विस्तार बताएंगी। ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहा है।
ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है।
लोकल प्रोडक्ट खरीदने पर जोर
लोकल प्रोडक्ट का गर्व से प्रचार करें और उसे ही खरीदे उन्होंने कहा कि अब सुधारों को और गति देना है. ये आर्थिक पैकेज मजदूर, लॉ, लैंड, लिक्विडिटी, मध्यमवर्ग का पैकेज है। आर्थिक पैकेज से आत्मनिर्भर भारत को बल मिलेगा। हर भारतवासी को अपने लोकल के लिए ‘वोकल’ बनना है, न सिर्फ लोकल Products खरीदने हैं, बल्कि उनका गर्व से प्रचार भी करना है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारा देश ऐसा कर सकता है।
देश मे डिमांड बढ़ाने के लिए हमारे सप्लाई चैन को बढ़ाना है।
आत्मनिर्भता के पांच स्तंभ, इकॉनमी, डेमोग्राफिक,बुनियादी ढांचा स्तंभ, डिमांड, जनसंख्या हमारी ताकत है।
हमारे जो रेहड़ी, ठेला लगाने वाले भाई-बहन हैं, जो श्रमिक साथी हैं, उन्होंने इस दौरान बहुत कष्ट झेले हैं। त्याग किए हैं।
अब हमारा कर्तव्य है कि उन्हें ताकतवर बनाया जाए। उनके आर्थिक हितों के लिए बड़े कदम उठाने का।
दुनिया को भारत पर भरोसा
दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ दे सकता। सुखी समृद्धि विश्व की संभावना हमसे। हमारे काम का प्रभाव विश्व कल्याण पर। हमने आपदा को अवसर में बदला। भारत मे हर रोज 2 लाख PPE किट बन रहे है। कोरोना से पहले एक भी नही बनता था। राष्ट्र बहुत अहम मोड़ पर खड़ा है। आत्मनिर्भर भारत का ही रास्ता है। इसके मायने बदल गए है। 21वीं शताब्दी भारत का होना चाहिए।
हमारा संकल्प इस संकट से विराट है। थकना हारना टूटना मंजूर नही है। हमे अपना संकल्प और मजबूत करना होगा। एक वायरस ने तहस नहस करके रख दिया, दुनिया इस समय लोगों की जिंदगी बचाने में जुटी हुई है। कोरोना संक्रमण से दुनिया को मुकाबला करते हुए चार महीने से ज्यादा का वक़्त बीत चुका है। दुनिया भर में 42 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित है। भारत मे भी कई लोगों ने जान गंवाई है।

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस के बढ़ते मामले के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममती बनर्जी ने अपने विपक्षियों पर एक बार फिर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ममता ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ये वक्त राजनीति करने का नहीं है। उन्होंने कहा कि ये बात मैंने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान भी कही थी, यदि कुछ लोग सोचते हैं कि कोरोना के दौरान वे साम्प्रदायिक तनाव पैदा करेंगे तो मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।

PMके साथ बैठकों के दौरान उम्मीदें हैं लेकिन हम हर बार खाली हाथ लौटते हैं। पिछले 2 महीनों से कोई आय नहीं हुई है लेकिन हमें केंद्र से कोई विकल्प नहीं मिल रहा है।हमें 52000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। कोरोना यहां जारी रहेगा लेकिन आय के बारे में क्या :पश्चिम बंगाल CM ममता बनर्जी pic.twitter.com/QRz8jBn8cS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2020

वहीं विपक्ष पर हमला बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मेरे साथ राजनीतिक रूप से लड़ने के लिए पर्याप्त समय है, थोड़ा धैर्य रखिए, चुनाव अभी भी दूर है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बैठकों के दौरान उम्मीदें हैं लेकिन हम हर बार खाली हाथ लौटते हैं। पिछले 2 महीनों से कोई आय नहीं हुई है लेकिन हमें केंद्र से कोई विकल्प नहीं मिल रहा है। हमें 52000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। कोरोना यहां जारी रहेगा लेकिन आय के बारे में क्या।
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पश्चिम बंगाल की सीएम ने कहा कि हमने सरकार से अनुरोध किया लेकिन केंद्र ने हमें कुछ भी नहीं दिया। केंद्र को हमें कम से कम वह देना चाहिए जिसके हम हक़दार हैं जैसे- सामाजिक योजनाओं, जीएसटी। विशेष पैकेज के बारे में भूल जाओ, हमें सामान्य पैकेज भी नहीं मिला।
पश्चिम बंगाल में कुल संक्रमितों की संख्या 2 हजार के पार
पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक। राज्य में बीते 24 घंटे में कोरोना के 110 नए मामलों की पुष्टि हुई। राज्य में कुल मामलों की संख्या अब 2173 हो गई है, जिसमें 1363 सक्रिय मामले और 126 मौतें शामिल हैं।


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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अपने संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। इसके बारे में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विस्तृत जानकारी देंगी।
आज शाम करीब 4 बजे वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। जिसमें वे आर्थिक पैकेज को लेकर सारी जानकारी मीडिया के सामने रखेंगी। वित्त मंत्री अपने प्रेस संबोधन में बता सकती है कि किस सेक्टर में कितना पैसा लोगों को मिलेगा।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी से जूझ रहा देश लॉकडाउन के 49 दिनों से जिस राहत के मरहम का इंतजार कर दिया था। कल देश के नाम संदेश में पीएम नरेंद्र मोदी ने आर्थिक पैकेज का एलान कर दिया।
कोरोना संकट को देखते हुए भारत सरकार आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ रुपये के विशेष आर्थिक पैकेज का एलान किया है। कल से वित्त मंत्री इस बारे में विस्तार बताएंगी। ये आर्थिक पैकेज देश के उस श्रमिक के लिए है, देश के उस किसान के लिए है जो हर स्थिति, हर मौसम में देशवासियों के लिए परिश्रम कर रहा है।
ये आर्थिक पैकेज हमारे देश के मध्यम वर्ग के लिए है, जो ईमानदारी से टैक्स देता है, देश के विकास में अपना योगदान देता है।


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नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। kalashtami 2020: हिंदी पंचांग के अनुसार, हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की अष्टमी को कालाष्टमी मनाई जाती है। उसी के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की कालाष्टमी 14 मई को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव जी के क्रुद्ध स्वरूप काल भैरव की उत्पत्ति हुई है। ऐसी मान्यता है कि जो भक्त काल भैरव देव की पूजा-उपासना करते हैं। उनके जीवन से समस्त प्रकार के दुःख और क्लेश दूर हो जाते हैं। साथ ही जीवन में यश और कीर्ति का आगमन होता है। आइए, अब जानते हैं कि क्यों और कैसे काल भैरव देव की उत्पत्ति हुई है-

काल भैरव देव की उत्पत्ति की कथा

काल भैरव की उत्पत्ति को लेकर कई कथाएं हैं, लेकिन इनमें सबसे सटीक और सच कथा इस प्रकार है। धार्मिक किदवंती के अनुसार, एक बार देवताओं ने भगवान ब्रह्मा देव और विष्णु जी से पूछा कि- हे जगत के रचयिता और पालनहार कृपा कर बताएं कि ब्रह्मांड में सबसे श्रेष्ठ कौन है? देवताओं के इस सवाल से ब्रह्मा और विष्णु जी में श्रेष्ठ साबित करने की होड़ लग गई। इसके बाद सभी देवतागण, ब्रह्मा और विष्णु जी सहित कैलाश पहुंचे और भगवान भोलेनाथ से पूछा गया कि- हे देवों के देव महादेव आप ही बताएं कि ब्रह्मांड में सबसे श्रेष्ठ कौन हैं?

शिव जी के शरीर से ज्योति कुञ्ज निकली

देवताओं के इस सवाल पर तत्क्षण भगवान शिव जी के तेजोमय और कांतिमय शरीर से ज्योति कुञ्ज निकली, जो नभ और पाताल की दिशा में बढ़ रही थी। तब महादेव ने ब्रह्मा और विष्णु जी से कहा- आप दोनों में जो सबसे पहले इस ज्योति की अंतिम छोर पर पहुंचेंगे। वहीं, सबसे श्रेष्ठ है। इसके बाद ब्रह्मा और विष्णु जी अनंत ज्योति की छोर तक पहुंचने के लिए निकल पड़े। कुछ समय बाद ब्रम्हा और विष्णु जी लौट आए तो शिव जी ने उनसे पूछा-हे देव क्या आपको अंतिम छोर प्राप्त हुआ।

 ब्रम्हा जी झूठ बोल गए

इस पर विष्णु जी ने कहा -हे महादेव यह ज्योति अनंत है, इसका कोई अंत नहीं है। जबकि ब्रम्हा जी झूठ बोल गए, उन्होंने कहा- मैं इसके अंतिम छोर तक पहुंच गया था। यह जान शिव जी ने विष्णु जी को श्रेष्ठ घोषित कर दिया। इससे ब्रह्मा जी क्रोधित हो उठें, और शिव जी के प्रति अपमान जनक शब्दों का प्रयोग करने लगे।

काल भैरव देव के जयकारे लगने लगे

यह सुन भगवान शिव क्रोधित हो उठें और उनके क्रोध से काल भैरव की उत्पत्ति हुई, जिन्होंने ब्रम्हा जी के चौथे मुख को धड़ से अलग कर दिया। उस समय ब्रह्मा जी को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने तत्क्षण भगवान शिव जी से क्षमा याचना की। इसके बाद कैलाश पर्वत पर काल भैरव देव के जयकारे लगने लगे।
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काठमांडू, एएनआइ। कोरोना वायरस की महामारी के बीच मंगलवार देर रात नेपाल मनें भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल के नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 दर्ज की गई है। फिलहाल किसी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

क्यों आता है भूकंप

पृथ्वी बारह टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है, जिसके नीचे तरल पदार्थ लावा के रूप में है। ये प्लेटें लावे पर तैर रही होती हैं। इनके टकराने से ही भूकंप आते हैं। टैक्‍टोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं और खिसकती भी हैं। हर साल ये प्लेट्स करीब 4 से 5 मिमी तक अपने स्थान से खिसक जाती हैं। इस क्रम में कभी-कभी ये प्लेट्स एक-दूसरे से टकरा जाती हैं। जिनकी वजह से भूकंप आते हैं।
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नई दिल्ली, एएनआइ। 1984 anti-Sikh riot case: दिल्ली सिख दंगा मामले में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व सांसद और पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को सुनवाई करेगा।

पिछले साल दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। साथ ही पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

दिल्ली से लोकसभा सांसद रह चुके कांग्रेस नेता सज्जन कुमार पर हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का आरोप था।

दिल्ली की राजनीति में गहरी दखल रखने वाले 1980 में अपने जीवन का पहला लोकसभा चुनाव लड़ा और पहले ही चुनाव में इतिहास रचते हुए दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री चौधरी ब्रह्म प्रकाश को ही हरा दिया था। इससे चलते वह आलाकमान की नजर में आ गए थे। लोकसभा चुनाव में इस जीत ने उन्हें तत्कालीन कांग्रेस नेता संजय गांधी की नजरों में ला लिया था।

सज्जन कुमार का दिल्ली की राजनीति में कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 1991 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा और भारतीय जनता पार्टी के साहब सिंह वर्मा को शिकस्त देते हुए बाहरी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद बने थे। साहिब सिंह वर्मा वही नेता हैं, जो बाद में दिल्ली के मुख्यमंत्री भी बने थे। वहीं, सज्जन कुमार को 2004 में भी कांग्रेस पार्टी ने टिकट दिया था और उन्होंने लोकसभा का चुनाव भी जीता था। इसके बाद उन्हें 2004 और 2009 में कांग्रेस ने सिखों की नाराजगी के मद्देनजर टिकट नहीं दिया था।

सज्जन कुमार को कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ आने के लिए भी मना कर दिया जाता था। यहां तक कि दो साल पहले जब कांग्रेस के राहुल गांधी ने दिल्ली में धरना दिया था, तो उसमें भी सज्जन कुमार शिरकत करने नहीं आए।
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नई दिल्ली, प्रेट्र। कोरोना महामारी से लड़ने की दिशा में भारत सरकार का राहत पैकेज दुनिया के सबसे बड़े पैकेज में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि अब तक वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक की ओर से घोषित किए जा चुके पैकेज को मिलाकर सरकार कुल 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देगी। यह देश की जीडीपी के 10 फीसद के बराबर का राहत पैकेज है। अब तक अमेरिका अपनी जीडीपी के 11 फीसद और जापान 20 फीसद से ज्यादा के पैकेज का एलान कर चुका है।

भारत सरकार पहले ही कर चुकी है कुछ घोषणाएं

भारत सरकार की ओर से घोषित इस पैकेज में गरीबों के लिए अनाज उपलब्ध कराने तथा गरीब महिलाओं व बुजुर्गों को नकद मदद देने के लिए घोषित 1.7 लाख करोड़ रुपये का पैकेज और रिजर्व बैंक की तरफ से की जा चुकी घोषणाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह आíथक पैकेज देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगा। कोरोना का प्रसार धीमा करने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है। इस कारण से ज्यादातर आíथक गतिविधियों का पहिया रुका हुआ है। फिलहाल कुछ छूट के साथ लॉकडाउन का तीसरा चरण चल रहा है, जो 17 मई को पूरा होगा। पीएम ने इसके बाद भी कुछ अतिरिक्त छूट के साथ लॉकडाउन चलते रहने की बात कही है। ऐसे में यह जरूरी है कि इस संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को मदद पहुंचाई जाए।

अर्थव्यवस्था को उबारने और मांग बढ़ाने की कोशिश

विभिन्न अनुमान के मुताबिक, मौजूदा हालात में देश की आíथक विकास दर एक फीसद या इससे भी नीचे जा सकती है। कोरोना के कारण बनी परिस्थितियों में बाजार में मांग बुरी तरह से प्रभावित हुई है और 12 करोड़ से ज्यादा लोगों की नौकरी जाने का अनुमान है। ऐसे में सरकार इस पैकेज की मदद से अर्थव्यवस्था को उबारने और मांग बढ़ाने की कोशिश करेगी। पीएम ने जितने बड़े राहत पैकेज का एलान किया है, उससे उद्योग जगत की उम्मीदें पूरी होती दिख रही हैं। अब तक उद्योग जगत की तरफ से 15 लाख करोड़ रुपये तक के राहत पैकेज की मांग की गई है।

जानिए अन्‍य देशों का हाल

जापान और अमेरिका के बाद स्वीडन ने जीडीपी का 12 फीसद, जर्मनी ने 10.7 फीसद के राहत पैकेज का ऐलान किया है। भारत के बाद फ्रांस 9.3 फीसद, स्‍पेन 7.3 फीसद, इटली 5.7 फीसद, ब्रिटेन 5 फीसद, चीन 3.8 फीसद, और दक्षिण कोरिया 2.2 फीसद के राहत पैकेज दिया है।


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नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंगलवार को कोरोना वायरस महामारी के कारण अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया गया था। इस पैकेज की घोषणा से बाजार में अर्थव्यवस्था को लेकर जोखिम थोड़ा कम हुआ है। यही कारण रहा कि बुधवार को भारतीय शेयर बाजार भारी बढ़त के साथ खुले हैं और शुरुआती कारोबार में भी अच्छी-खासी बढ़त देखने को मिली है।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स बुधवार को 1470 अंक की जबरदस्त उछाल के साथ 32,841.87 पर खुला है। सेंसेक्स बुधवार सुबह 9 बजकर 24 मिनट पर 3.02 फीसद या 947.58 अंक की भारी बढ़त के साथ 32,318.70 पर ट्रेंड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 23 शेयर हरे निशान पर और 7 शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखाई दिए।

सेंसेक्स के जिन शेयरों में शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक तेजी देखने को मिल रही थी, उनमें आईसीआईसीआई बैंक (7.09 फीसद), हीरो मोटो कॉर्प (6.77 फीसद), एक्सिस बैंक (5.73 फीसद), एलटी (5.54 फीसद), मारुति (5.29 फीसद) और एचडीएफसी बैंक (4.83 फीसद) शामिल थे।

इसके अलावा सेंसेक्स के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट नेस्ले इंडिया के शेयर में 1.65 फीसद, टीसीएस के शेयर में 0.63 फीसद, भारती एयरटेल के शेयर में 0.54 फीसद और एचसीएल के शेयर में 0.36 फीसद फीसद देखी गई है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचकांक निफ्टी की बात करें, तो यह भी बुधवार सुबह भारी बढ़त के साथ ट्रेंड कर रहा था। यह बुधवार सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर 2.42 फीसद या 222.55 अंक की बढ़त के साथ 9,419.10 पर ट्रेंड कर रहा था। इस समय 50 शेयरों वाले निफ्टी के 43 शेयर हरे निशान पर और 7 शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे।

बुधवार को शुरुआती कारोबार में 50 शेयरों वाले निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी वेदांता लिमिटेड में 9.99 फीसद, हीरो मोटो कॉर्म में 6.72 फीसद, आईसीआईसीआई बैंक में 6.62 फीसद, मारुति में 5.98 फीसद और महिंद्रा एंड महिंद्रा में 5.72 फीसद की देखने को मिली। वहीं, शुरुआती कारोबार में निफ्टी-50 के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट नेस्ले इंडिया में 1.93 फीसद, अडानी पोर्ट्स में 0.63 फीसद, टीसीएस में 0.42 फीसद, भारती एयरटेल में 0.38 फीसद और एचसीएल में 0.35 फीसद की देखने को मिली है।
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नई दिल्ली। Coronavirus दुनियाभर में कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए वैक्सीन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके इलाज के लिए नई दवाओं के साथ रिपरपजिंग दवाओं का ट्रायल चल रहा है। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) समेत तमाम एजेंसियों को कोरोना के जीनोम के बारे में जो सूचनाएं मिल रही हैं वे बहुत चौकाने वाली हैं। दुनिया भर के 62 देशों से इस वायरस के 5300 जीनोम्स का विश्लेषण हमें चौंकाता है।

गार्जियन के अनुसार स्पाइक (एस) प्रोटीन से संबंधित दो बड़े बदलाव देखे गए हैं। इनमें से एक बदलाव ने इटली में कहर बरपाया था। अब वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि कोरोना वायरस बहुत बड़ा छलिया है और उसे इंसानी शरीर बहुत रास आ रहा है। वह खुद को इंसानी शरीर में आराम से छिपने के साथ उसमें बदलाव कर रहा है। ऐसे में किसी भी वैक्सीन के कारण कोरोना के जीनोम सीक्वेंस में आने वाले बदलाव पर कड़ी नजर रखनी होगी।



ताकतवर स्पाइक को करना होगा कमजोर : वैक्सीन बनाने के लिए दुनियाभर में वैज्ञानिक कोरोना के जीनोम सीक्वेंस पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी नजर उसके एस प्रोटीन पर टिकी हुई है। अपने ताकतवर स्पाइक के कारण ही वह इंसानी शरीर से बेहतरीन तरीके से चिपक जाता है। गार्जियन के अनुसार कोरोना वायरस की ही फैमिली के कारण 2002 में सार्स फैला था लेकिन, उसके स्पाइक इतने ताकतवर नहीं थे। ऐसे में वैज्ञानिक कोविड-19 की इसी ताकत को खत्म कर देना चाहते हैं, जिसके बाद वह बहुत मामूली वायरस बन जाएगा।

अब तक नहीं बदला है मूल स्वरूप : कोरोना वायरस हर देश और परिस्थिति में खुद में कुछ बदलाव कर रहा है। भारत में ही अब तक 52 सीक्वेंस कोरोना के जीनोम में पहचाने जा चुके हैं। इसी तरह अन्य देशों में हजारों छोटे-छोटे बदलाव इसके जीनोम सीक्वेंस में हो चुके हैं। हालांकि चीन से निकलकर दुनिया के 202 देशों में फैल चुके कोविड-19 के वायरस का मूलस्वरूप अब भी वही है। वैज्ञानिकों को अंदेशा है कि जीनोम सीक्वेंस की संख्या दस हजार के पार भी जा सकती है।



क्या है जीनोम सीक्वेंस : कोरोना वायरस 29,903 न्यूक्लियोडाइट्स (जैविक पदार्थ) या न्यूक्लियस बेस से बना है। कोरोना के बाहर फ्नल की तरीके के सेंसर हैं, जिन्हें स्पाइक (एस) प्रोटीन कहते हैं। यह उसका मूल ढांचा है, अंदर वह लगातार बदलाव कर रहा है। इसको ऐसे समझ लीजिए कि 29000 से अधिक ईंटों से मिलकर एक घर बना है, कोई भी इसे कई तरह से बना सकता है। बस उसका मूल ढांचा बाहर से एक जैसा है। अंदर उसके बहुत से बदलाव हो सकते हैं। कोरोना अपने बिल्डिंग ब्लॉक्स (न्यूक्लियोडाइट्स) में बदलाव कर रहा है। इन्हें रखने के तरीके को बदलता है। इसी बदलाव को जीनोम सीक्वेंस कहते हैं।



खुद को तेजी से बदल रहा है : लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रोपिकल मेडिसिन ने कहा है कि म्यूटेशन के कारण कोरोना की विशेषता में आए बदलाव पर अभी अध्ययन किया जा रहा है। लेकिन यह पक्की बात है कि हर म्यूटेशन ने इसे फैलने में मदद की है। प्रमुख शोधकर्ता प्रो. मार्टिन हिबार्ड का कहना है कि हमें दुनियाभर में कोरोना पर कड़ी नजर रखनी होगी, क्योंकि शोध बता रहा है कि यह खुद में तेजी से बदलाव कर रहा है।

दो बड़े म्युटेशन पर है निगाह : कोरोना में दो बड़े म्युटेशन अब तक हुए हैं। दोनों ही एस प्रोटीन से संबंधित हैं। एस प्रोटीन की वजह से ही कोरोना इंसान की कोशिका के एसीई2 और टीएमपीआरएसएस2 प्रोटीन से चिपक जाते हैं। एसीई2 को ज्यादा आसानी से कोरोना निशाना बनाता है। इसी कड़ी को वैज्ञानिक तोड़ना चाहते हैं। एस प्रोटीन में हुए एक बदलाव को 788 जीनोम सीक्वेंस में देखा गया, जबकि दूसरे म्यूटेशन को 32 जीनोम सीक्वेंस में देखा गया।



मिल रही है चेतावनी : प्रो. मार्टिन हिबार्ड कहते हैं कि लोग वैक्सीन और इसके इलाज का पता लगाने की कोशिशों में जुटे हैं। सभी को पता है कि इसके एस प्रोटीन को निशाना बनाना है, क्योंकि यह बेहतरीन लक्ष्य है। हालांकि हमें बहुत सचेत रहना होगा कि वैक्सीन या फिर दवाओं के ट्रायल के दौरान कहीं इसमें कोई म्युटेशन न हो जाए।

ये बदलाव (अभी तक नोटिस किए जाए चुके) बहुत महत्वपूर्ण नहीं हैं। लेकिन यह हमें चेतावनी दे रहे हैं। भविष्य में होने वाले म्युटेशन खतरनाक हो सकते हैं। हमें अपना निगरानी तंत्र मजबूत करना होगा, ताकि किसी वैक्सीन या दवा के ट्रायल के दौरान कोई म्युटेशन न हो जाए।

[प्रो. मार्टिन हिबार्ड, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रोपिकल मेडिसिन]
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Yeh vidhi ka vidhan hai.